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नवरात्रि 2025: नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर के दर्शन और पूजा का महत्व

Acharya Pandit Vishnu Sharma
23 Mar 2026
5 min read
नवरात्रि 2025: नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर के दर्शन और पूजा का महत्व

भारत में नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इन दिनों में लाखों श्रद्धालु विशेष रूप से नलखेड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए पहुँचते हैं।

माँ बगलामुखी को विजय और वाणी की देवी माना जाता है। कहते हैं कि नवरात्रि में यहाँ की गई पूजा, हवन और अनुष्ठान से साधक को अद्भुत शक्ति, शत्रु विजय और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर का महत्व

  • नलखेड़ा का मंदिर माँ बगलामुखी के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है।
     
  • यहाँ विशेष रूप से पीली वस्त्र धारण कर हवन और पूजा की जाती है।
     
  • श्रद्धालु मानते हैं कि नवरात्रि में यहाँ दर्शन करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं और विजय प्राप्त होती है।
     
  • दूर-दूर से भक्त नवरात्रि के नौ दिन यहीं साधना और अनुष्ठान करने आते हैं।

नवरात्रि 2025 और माँ बगलामुखी पूजा का महत्व

नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से होगी और 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। लेकिन नलखेड़ा में श्रद्धालु विशेष रूप से माँ बगलामुखी के अनुष्ठान और हवन करते हैं ताकि जीवन में विजय, शक्ति और सुरक्षा प्राप्त कर सकें।

नवरात्रि के 9 दिन और माँ बगलामुखी साधना

पहला दिन (22 सितंबर) – माँ शैलपुत्री की पूजा

नवरात्रि की शुरुआत शैलपुत्री माता की आराधना से होती है। नलखेड़ा में इस दिन माँ बगलामुखी के मंदिर में भक्त विशेष संकल्प लेकर पूजा आरंभ करते हैं।

दूसरा दिन – माँ ब्रह्मचारिणी

सादगी, तप और संयम की देवी की पूजा होती है। नलखेड़ा मंदिर में भक्त पीले वस्त्र पहनकर हवन की तैयारी करते हैं।

तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा

इस दिन माँ की पूजा से भय दूर होता है। नलखेड़ा आने वाले भक्त मानते हैं कि माँ बगलामुखी शत्रुओं पर विजय और साहस प्रदान करती हैं।

चौथा दिन – माँ कूष्मांडा

इस दिन स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है। नलखेड़ा में विशेष बगलामुखी हवन आयोजित होता है।

पाँचवा दिन – माँ स्कंदमाता

भक्त संतान सुख और उन्नति की प्रार्थना करते हैं। माँ बगलामुखी की पूजा से वाणी में मधुरता और परिवार में शांति आती है।

छठा दिन – माँ कात्यायनी

शत्रु-विनाश और साहस की देवी। इस दिन नलखेड़ा में भक्त बगलामुखी मंत्र जाप करते हैं।

सातवाँ दिन – माँ कालरात्रि

नकारात्मक शक्तियों का नाश करने का दिन। नलखेड़ा मंदिर में विशेष रात्रि साधना की जाती है।

आठवाँ दिन – माँ महागौरी

शांति और पवित्रता का प्रतीक। इस दिन माँ बगलामुखी की कृपा से भक्तों को मानसिक शांति और सफलता मिलती है।

नवाँ दिन (1 अक्टूबर) – माँ सिद्धिदात्री

सभी इच्छाओं की पूर्ति और सिद्धियों का दिन। नलखेड़ा मंदिर में यह दिन सबसे विशेष माना जाता है। यहाँ हजारों श्रद्धालु विशाल बगलामुखी हवन में शामिल होते हैं।

नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि के विशेष अनुष्ठान

  • बगलामुखी हवन – शत्रु बाधा दूर करने के लिए।
     
  • अनुष्ठान और जाप – सफलता और विजय की प्राप्ति के लिए।
     
  • पीत वस्त्र धारण – माँ की कृपा पाने का मुख्य नियम।
     
  • दर्शन और आशीर्वाद – भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और मन की शांति मिलती है।

माँ बगलामुखी नवरात्रि पूजा से लाभ

  • शत्रुओं पर विजय और सुरक्षा।
     
  • न्यायिक मामलों में सफलता।
     
  • मानसिक शांति और आत्मविश्वास।
     
  • जीवन में विजय और समृद्धि।
     
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश।

निष्कर्ष

नवरात्रि 2025 नलखेड़ा वाली माँ बगलामुखी के दर्शन और पूजा का अद्वितीय अवसर है। इस दौरान भक्तगण मंदिर में हवन, जाप और विशेष अनुष्ठान करते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि में माँ बगलामुखी की कृपा से जीवन की सभी कठिनाइयाँ दूर होती हैं और साधक को विजय, शांति और सफलता प्राप्त होती है।

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Acharya Pandit Vishnu Sharma
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Acharya Pandit Vishnu Sharma

Acharya, Nalkheda Siddha Peeth · 26+ Years Experience

With over two decades of intense spiritual practice at Nalkheda, Acharya Pandit Vishnu Sharma has guided more than 15,000 devotees toward victory and protection through authentic Baglamukhi rituals.

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