🔱 10,000+ SUCCESSFUL ANUSHTHANS | 🛡️ COMPLETE VEDIC REMOVAL OF BLACK MAGIC | ⚖️ COURT CASE VICTORY SUPPORT | 🔥 SIDDHA PEETH SPECIAL ANUSHTHAN SEVA | 🌍 WORLDWIDE PRASAD DELIVERY | 📿 LIVE SANKALP VIDEO CALL AVAILABLE
Maa Baglamukhi Guru
Spiritual Insights

गुप्त नवरात्रि पूजा विधि घर पर कैसे करें?

Acharya Pandit Vishnu Sharma
14 Jul 2026
5 min read
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि घर पर कैसे करें?

गुप्त नवरात्रि की शक्ति किसी एक भव्य दिन में नहीं, बल्कि नौ निरंतर दिनों की सरल-सच्ची भक्ति में है। यदि आप सोच रहे हैं कि गुप्त नवरात्रि पूजा विधि घर पर कैसे करें, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए है-कलश स्थापना से लेकर मंत्र जप और व्रत नियमों तक, चरण-दर-चरण। गुप्त नवरात्रि 2026, 15 से 23 जुलाई तक है, और माँ बगलामुखी गुरु आपको सरल एवं प्रामाणिक विधि बता रहा है।

जहाँ भी मान्यता का उल्लेख है, वह परंपरा व शास्त्र के अनुसार है-गारंटी नहीं।

विषय-सूची

  1. घर पर पूजा से पहले तैयारी

  2. आवश्यक पूजा सामग्री

  3. प्रथम दिन: कलश स्थापना और संकल्प

  4. प्रतिदिन की पूजा विधि (चरण-दर-चरण)

  5. मंत्र और जप विधि

  6. व्रत के नियम

  7. करें और न करें

  8. सामान्य गलतियाँ

  9. यदि पूर्ण नौ दिन संभव न हों

  10. संक्षिप्त सार

  11. निष्कर्ष

  12. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


घर पर पूजा से पहले तैयारी

घर पर गुप्त नवरात्रि पूजा आरंभ करने से पहले स्थान, सामग्री और मन-तीनों की शुद्धि आवश्यक है। एक स्वच्छ, शांत कोना चुनें जहाँ नौ दिन बिना विघ्न पूजा हो सके, और सभी सामग्री पहले से तैयार रखें।

पूजा-स्थल पूर्व दिशा की ओर हो तो श्रेष्ठ है। घर के सदस्यों को भी सहभागी बनाएँ, ताकि साधना का वातावरण बना रहे।

आवश्यक पूजा सामग्री

श्रेणी

सामग्री

देवी

माँ बगलामुखी का चित्र/यंत्र

आसन

पीला वस्त्र, स्वच्छ चौकी

कलश

कलश, जल, आम के पत्ते, नारियल

अर्पण

हल्दी, कुमकुम, अक्षत, पीले पुष्प, चना, गुड़

दीप

घी/तिल का दीपक, बाती, धूप

जप

हल्दी की माला

अन्य

गंगाजल, पान, फल (नैवेद्य)

प्रथम दिन: कलश स्थापना और संकल्प

प्रथम दिन (15 जुलाई) पूजा का शुभारंभ कलश स्थापना और संकल्प से होता है, जो सम्पूर्ण नौ-दिवसीय साधना का आधार है।

  1. प्रातः स्नान कर स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।

  2. पीले वस्त्र पर माँ का चित्र/यंत्र पूर्वाभिमुख रखें।

  3. कलश में स्वच्छ जल भरकर आम के पत्ते व नारियल रखें।

  4. दीप प्रज्वलित करें (सुरक्षित हो तो अखंड ज्योति)।

  5. नाम, गोत्र और शुद्ध भाव सहित संकल्प लें।

  6. प्रथम पूर्ण पूजा करें (नीचे दी विधि अनुसार)।

प्रतिदिन की पूजा विधि (चरण-दर-चरण)

नौ दिन तक प्रतिदिन यही मूल विधि दोहराई जाती है-यही साधना का हृदय है।

  1. शुद्धि: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, आसन व स्थल स्वच्छ करें।

  2. दीप: घी/तिल का दीपक व धूप प्रज्वलित करें।

  3. आवाहन: संकल्प स्मरण कर माँ का भक्तिपूर्वक आवाहन करें।

  4. अर्पण: हल्दी, कुमकुम, अक्षत, पीले पुष्प, चना-गुड़ अर्पित करें।

  5. जप: हल्दी की माला पर बगलामुखी मंत्र जाप करें।

  6. पाठ: दुर्गा सप्तशती/देवी माहात्म्य का पाठ करें।

  7. नैवेद्य: फल या सात्त्विक प्रसाद अर्पित करें।

  8. आरती: बगलामुखी चालीसा व आरती से समापन करें।

मंत्र और जप विधि

जप हेतु माँ बगलामुखी का बीज मंत्र "ह्लीं" तथा मूल मंत्र प्रयुक्त होता है, जिसे हल्दी की माला पर शुद्ध उच्चारण के साथ जपा जाता है। नौ दिनों तक निरंतरता एक दिन की अधिक संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है।

आरंभ में प्रतिदिन एक या कुछ मालाओं से शुरू करें। बीज मंत्र की गहराई हेतु बलामुखी बीज मंत्र पढ़ें। शुद्ध उच्चारण आवश्यक है-जानकार से सीखकर ही गंभीर जप करें, और उच्च-संख्या पुरश्चरण गुरु के मार्गदर्शन में करें।

व्रत के नियम

व्रत सामर्थ्य अनुसार रखें-सात्त्विक आहार एक बार, या फलाहार। भक्ति के लिए शरीर को कष्ट देना आवश्यक नहीं; स्वास्थ्य समस्या हो तो उतना ही उपवास करें जितना संभव हो।

करें और न करें

करें

न करें

प्रतिदिन एक ही आसन, समय, स्थान

बीच में पूजा न छोड़ें

स्वच्छता व शांत स्वभाव

प्याज, लहसुन, मांस, नशा नहीं

शुद्ध उच्चारण व एकाग्रता

जल्दबाज़ी न करें

अखंड ज्योति सुरक्षित रखें

दीप अकेला न छोड़ें

साधना-संकल्प गुप्त रखें

प्रचार न करें

रक्षा-स्थिरता का भाव

किसी की हानि का भाव नहीं

सामान्य गलतियाँ

  • अनियमितता: दिन छोड़ना साधना तोड़ देता है-निरंतरता ही साधना है।

  • संकल्प छोड़ना: प्रथम दिन का संकल्प पूरी साधना का आधार है।

  • अशुद्ध उच्चारण: मंत्र पहले सही सीखें।

  • शुद्धता की उपेक्षा: आहार, स्वच्छता व सत्य साधना का अंग हैं।

  • अत्यधिक संख्या का संकल्प: उतनी ही मालाएँ लें जो नौ दिन निभा सकें।

यदि पूर्ण नौ दिन संभव न हों

यदि समय या परिस्थिति नौ दिन की अनुमति न दे, तो आप माँ बगलामुखी पूजा अपने नाम-गोत्र से नलखेड़ा में करवा सकते हैं, और गंभीर कार्यों हेतु बगलामुखी हवन भी। आचार्य पूरी साधना निभाते हैं, वीडियो साझा करते हैं और प्रसाद घर भेजते हैं।

📞 माँ बगलामुखी गुरु: +91 73895 67650 · WhatsApp पर मार्गदर्शन। 15 जुलाई से पहले बुक करें।

संक्षिप्त सार

  • गुप्त नवरात्रि 2026: 15–23 जुलाई; प्रतिदिन पूजा व जप।

  • प्रथम दिन: कलश स्थापना व संकल्प।

  • दैनिक विधि: शुद्धि → दीप → अर्पण → जप → पाठ → आरती।

  • मंत्र: बीज मंत्र "ह्लीं", हल्दी माला पर।

  • मुख्य नियम: निरंतरता, शुद्धता, गोपनीयता, सच्चा संकल्प।

निष्कर्ष

घर पर गुप्त नवरात्रि की पूजा कोई कठिन कार्य नहीं-बस स्वच्छ मन, एक दीपक, हल्दी की माला और नौ दिनों की निरंतरता चाहिए। यही सरलता माँ की कृपा का द्वार है। पूर्ण विधि संभव न हो तो प्रामाणिक रूप से पूजा-हवन करवाएँ। माँ बगलामुखी गुरु आपके साथ है। जय माँ बगलामुखी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. गुप्त नवरात्रि की पूजा घर पर कैसे करें? 

प्रतिदिन स्नान कर स्थान शुद्ध करें, दीप जलाएँ, पीले पुष्प-हल्दी अर्पित करें, हल्दी माला पर बगलामुखी मंत्र जपें, सप्तशती पढ़ें और आरती से समापन करें।

2. गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना कैसे करें? 

प्रथम दिन कलश में स्वच्छ जल भरकर आम के पत्ते व नारियल रखें, पीले वस्त्र पर पूर्वाभिमुख स्थापित करें, दीप जलाएँ और संकल्प लें।

3. प्रथम दिन क्या करें? 

घटस्थापना (कलश स्थापना), दीप प्रज्वलन, नाम-गोत्र सहित संकल्प और प्रथम पूर्ण पूजा।

4. गुप्त नवरात्रि में कौन सा मंत्र जपें? 

माँ बगलामुखी का बीज मंत्र "ह्लीं" और मूल मंत्र, हल्दी की माला पर शुद्ध उच्चारण के साथ।

5. व्रत में क्या नियम हैं? 

सामर्थ्य अनुसार सात्त्विक आहार या फलाहार; प्याज-लहसुन, मांस, नशे से परहेज; स्वच्छता, सत्य व संयम।

6. क्या पूरे नौ दिन पूजा आवश्यक है? 

निरंतरता ही साधना का सार है। यदि संभव न हो, तो पूजा आचार्य द्वारा नाम-गोत्र से करवाई जा सकती है।

7. क्या स्त्रियाँ यह पूजा कर सकती हैं? 

हाँ, सरल भक्ति व मंत्र जप स्त्री-पुरुष सभी के लिए है।

8. क्या ऑनलाइन पूजा करवा सकते हैं? 

हाँ-नाम-गोत्र से संकल्प, सही मुहूर्त पर पूजा, वीडियो व विश्वभर प्रसाद वितरण के साथ।


Share:
Acharya Pandit Vishnu Sharma
About the Author

Acharya Pandit Vishnu Sharma

Acharya, Nalkheda Siddha Peeth · 26+ Years Experience

With over two decades of intense spiritual practice at Nalkheda, Acharya Pandit Vishnu Sharma has guided more than 15,000 devotees toward victory and protection through authentic Baglamukhi rituals.

Divine Knowledge Blog

Learn about ancient rituals and spiritual wisdom

Maa Baglamukhi Navratri Hawan for Court Cases, Enemy Protection & Debt Relief: Nalkheda Siddhapeeth Guide 2026

Maa Baglamukhi Navratri Hawan for Court Cases, Enemy Protection & Debt Relief: Nalkheda Siddhapeeth Guide 2026

Navigating severe legal disputes, persistent hostility, or overwhelming financial debt can leave ind...

Navratri Akhand Jyoti Rules 2026: Vidhi, Direction, Ghee vs Oil & What to Do if the Flame Extinguishes?

Navratri Akhand Jyoti Rules 2026: Vidhi, Direction, Ghee vs Oil & What to Do if the Flame Extinguishes?

Lighting an Akhand Jyoti during Navratri 2026 brings Goddess Durga’s divine protection and prosper...

Shardiya Navratri 2026: Which Day Is Best for Maa Baglamukhi Puja?

Shardiya Navratri 2026: Which Day Is Best for Maa Baglamukhi Puja?

Which day is best for Maa Baglamukhi Puja during Shardiya Navratri 2026? Explore the significance of...

Navratri 2026 at Nalkheda: Temple Visit, Travel Guide, Darshan & Puja Booking

Navratri 2026 at Nalkheda: Temple Visit, Travel Guide, Darshan & Puja Booking

Planning to visit Maa Baglamukhi Temple in Nalkheda during Navratri 2026? Explore travel routes, Dar...

Navratri 2026 for NRI Devotees: Online Puja, Booking & Sankalp Guide

Navratri 2026 for NRI Devotees: Online Puja, Booking & Sankalp Guide

Living outside India and want to arrange Maa Baglamukhi Puja during Navratri 2026? Learn how NRI dev...

Navratri Puja for Specific Wishes 2026: Which Puja to Choose?

Navratri Puja for Specific Wishes 2026: Which Puja to Choose?

Looking for the right Puja during Navratri 2026? Explore traditional Maa Baglamukhi Puja, Havan and ...

Page 1 of 40

HOME CALL
Book Puja
CHAT PUJAS