नवरात्रि 2025 आस्था, साधना और शक्ति उपासना का महापर्व है। नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है, लेकिन माँ बगलामुखी की साधना, हवन, मंत्र जाप और कवच इन दिनों में अत्यंत शक्तिशाली और फलदायी मानी जाती है।
माँ बगलामुखी, जिन्हें शत्रु नाशिनी और स्तम्भिनी शक्ति कहा जाता है, साधक को शत्रुओं से मुक्ति, आर्थिक उन्नति, राजनीतिक विजय और मानसिक शांति प्रदान करती हैं।
नवरात्रि 2025 और माँ बगलामुखी साधना का महत्व
- नवरात्रि के दौरान किया गया बगलामुखी हवन नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है।
- मंत्र जाप से साधक की वाणी, विचार और कर्म शुद्ध होते हैं।
- कवच पाठ जीवन में सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है, जो शत्रु बाधाओं और अनिष्ट घटनाओं से बचाता है।
- 9 दिनों में प्रतिदिन विशेष पूजन से साधक को माँ की कृपा प्राप्त होती है।
नवरात्रि के 9 दिन और माँ बगलामुखी पूजा के रहस्य
पहला दिन – घटस्थापना और बगलामुखी आह्वान
इस दिन साधक माँ बगलामुखी का ध्यान कर शत्रु नाश और सफलता की नींव रखते हैं।
दूसरा दिन – मंत्र जाप की शुरुआत
विशेषकर “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” मंत्र का जाप प्रारंभ करने से साधक की वाणी में दिव्यता आती है।
तीसरा दिन – हवन की तैयारी
इस दिन अग्नि प्रज्वलित कर छोटे स्तर पर आहुतियाँ दी जाती हैं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
चौथा दिन – कवच पाठ
माँ बगलामुखी कवच का पाठ साधक को आध्यात्मिक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
पाँचवाँ दिन – न्याय और विजय हेतु साधना
कोर्ट केस या मुकदमों में विजय के लिए इस दिन विशेष हवन और मंत्र जाप का महत्व है।
छठा दिन – पॉलिटिकल पूजा और करियर ग्रोथ
राजनीति या प्रशासनिक क्षेत्र में सफलता के इच्छुक साधक इस दिन विशेष पूजा कराते हैं।
सातवाँ दिन – गुप्त शत्रुओं से मुक्ति
इस दिन के अनुष्ठान से छिपे हुए शत्रु शांत होते हैं और साधक को सुरक्षा मिलती है।
आठवाँ दिन – महागौरी पूजन और विशेष हवन
अष्टमी पर किया गया बगलामुखी हवन साधक को समृद्धि और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति दिलाता है।
नौवाँ दिन – सिद्धिदात्री और पूर्णाहुति
नवरात्रि के अंतिम दिन पूर्णाहुति कर साधक माँ की सिद्धि और आशीर्वाद प्राप्त करता है।
माँ बगलामुखी हवन के लाभ
- शत्रु नाश और बाधा मुक्ति
- राजनीति और करियर में विजय
- धन और व्यवसाय में वृद्धि
- मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि
- न्यायिक मामलों में सफलता
मंत्र जाप का महत्व
“ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” का प्रतिदिन जाप करने से शत्रु शांत होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
यह मंत्र वाणी को सिद्ध करता है और साधक को आत्मविश्वास प्रदान करता है।
माँ बगलामुखी कवच के रहस्य
- यह कवच साधक को अदृश्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
- शत्रु की योजनाएँ निष्फल होती हैं।
- जीवन में अचानक आने वाले संकट टल जाते हैं।
नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर और ऑनलाइन बुकिंग
नलखेड़ा (मध्य प्रदेश) स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में हर साल हजारों भक्त नवरात्रि पर विशेष हवन और अनुष्ठान कराते हैं।
आज के समय में आप ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से भी इस अनुष्ठान का हिस्सा बन सकते हैं।
अनुभवी आचार्य पंडित विष्णु शर्मा जी के मार्गदर्शन में किया गया यह हवन साधक के जीवन को सफल बनाता है।
FAQs
Q1: नवरात्रि 2025 में माँ बगलामुखी हवन कब कराना शुभ है?
सप्तमी, अष्टमी और नवमी को हवन सबसे प्रभावी होता है।
Q2: क्या बगलामुखी हवन ऑनलाइन बुक किया जा सकता है?
जी हाँ, ऑनलाइन बुकिंग से घर बैठे ही आप अनुष्ठान में शामिल हो सकते हैं।
Q3: माँ बगलामुखी कवच का पाठ किसे करना चाहिए?
जो साधक शत्रु बाधाओं, कोर्ट केस या नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति चाहते हैं, उन्हें करना चाहिए।
Q4: क्या पॉलिटिकल करियर के लिए बगलामुखी पूजा लाभकारी है?
हाँ, राजनीति में सफलता और चुनाव विजय हेतु यह पूजा विशेष प्रभावी है।
यदि आप भी इस नवरात्रि माँ बगलामुखी की कृपा से शत्रु नाश, करियर ग्रोथ और सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज ही नलखेड़ा माँ बगलामुखी हवन, मंत्र जाप और कवच अनुष्ठान की ऑनलाइन बुकिंग करें।
अनुभवी आचार्य पंडित विष्णु शर्मा जी के मार्गदर्शन में कराया गया यह अनुष्ठान आपके जीवन में दिव्य परिवर्तन लाएगा।