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Spiritual Insight 5 Min Read

जीवन की हर बाधा को खत्म करें: माँ बगलामुखी की शक्ति से जीत हासिल करें

Author
Pandit Vishnu Sharma
Chief Priest, Maa Baglamukhi Mandir
जीवन की हर बाधा को खत्म करें: माँ बगलामुखी की शक्ति से जीत हासिल करें
Image: जीवन की हर बाधा को खत्म करें: माँ बगलामुखी की शक्ति से जीत हासिल करें - Spiritual Significance
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हिंदूधर्म में माँ बगलामुखीको दस महाविद्याओं मेंआठवीं महाविद्या के रूप मेंपूजा जाता है। उन्हें पीतांबरा देवी के नाम सेभी जाना जाता है, क्योंकि उनका स्वरूप स्वर्णिमऔर पीला है, जोशक्ति, समृद्धि और विजय काप्रतीक है। माँ बगलामुखी को शत्रुनाशिनी औरस्तंभन शक्ति की देवी मानाजाता है, जो अपनेभक्तों के जीवन सेहर प्रकार की बाधा, भयऔर शत्रुओं का नाश करतीहैं। चाहे वह कोर्ट-कचहरी के मामले हों, पारिवारिक कलह हो, याजीवन में बार-बारआने वाली रुकावटें, माँबगलामुखी की साधना से भक्तों कोहर क्षेत्र में विजय प्राप्तहोती है। इस ब्लॉगमें हम माँ बगलामुखी मंदिर, उनकी महिमा, पूजाविधि और उनके आशीर्वादसे जीवन की बाधाओंको दूर करने केउपायों के बारे मेंजानेंगे।

माँबगलामुखी का महत्व और उत्पत्ति

पौराणिककथाओं के अनुसार, माँबगलामुखी का प्रादुर्भाव सतयुगमें तब हुआ जबएक भयंकर तूफान ने सृष्टि कोनष्ट करने की धमकीदी थी। भगवान विष्णुने हरिद्रा सरोवर के तट परतपस्या की, जिसके फलस्वरूपमाँ बगलामुखी प्रकट हुईं और उन्होंनेतूफान का स्तंभन करसृष्टि की रक्षा की।उन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या के नाम सेभी जाना जाता है, क्योंकि उनकी शक्ति संपूर्णब्रह्मांड की किसी भीशक्ति से टक्कर लेसकती है।

बगलामुखीमाता का स्वरूप अत्यंतप्रभावशाली है। वे रत्नजड़ितसिंहासन पर विराजमान हैं, उनके दाहिने हाथ में गदाऔर बाएँ हाथ मेंशत्रु की जीभ पकड़ेहुए दिखाई देती हैं, जोउनकी शत्रु-स्तंभन शक्ति को दर्शाता है।उनका पीला रंग समृद्धि, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जाका प्रतीक है। यही कारणहै कि माँ बगलामुखी मंदिर में पीले रंगका विशेष महत्व है, चाहे वहवस्त्र हों, प्रसाद होया पूजा सामग्री।

प्रमुखबगलामुखी मंदिर

भारत में माँ बगलामुखी के कई प्रसिद्धमंदिर हैं, जो भक्तोंके लिए सिद्ध पीठमाने जाते हैं। इनमेंसे कुछ प्रमुख मंदिर हैं:

  1. बगलामुखी मंदिर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बगलामुखी मंदिर कांगड़ा एक प्राचीन सिद्ध पीठ है। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान की थी। भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर अर्जुन और भीम ने यहाँ माँ की विशेष पूजा की थी, जिससे उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त हुई। यह मंदिर कोर्ट-कचहरी के मामलों, शत्रु बाधा और पारिवारिक समस्याओं के निवारण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। मंदिर में पीले रंग का वातावरण और लाल मिर्च से किया जाने वाला हवन अनूठा है, जो बाएँ हाथ से किया जाता है।
  2. बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा (मध्य प्रदेश)
    मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में लखुंदर नदी के तट पर स्थित माँ बगलामुखी मंदिर एक स्वयंभू मूर्ति वाला मंदिर है। यह मंदिर तांत्रिक साधनाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहाँ माँ बगलामुखी के साथ माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं, जो इसे त्रिगुण शक्ति पीठ बनाती हैं। नवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
  3. बगलामुखी मंदिर, दतिया (मध्य प्रदेश)
    दतिया का माता बगलामुखी मंदिर भी एक सिद्ध पीठ है, जहाँ माँ की मूर्ति को स्वयंभू माना जाता है। यह मंदिर धन, विद्या और शक्ति की प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है।
  4. बगलामुखी मंदिर, नेपाल
    नेपाल के ललितपुर में स्थित बगलामुखी मंदिर तांत्रिक साधकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। यहाँ की पूजा विधियाँ वैदिक और तांत्रिक दोनों तरह से की जाती हैं।

माँबगलामुखी की साधना और पूजा विधि

माँबगलामुखी की साधना विशेषरूप से शत्रु नाश, वाकसिद्धि, और कोर्ट-कचहरीके मामलों में विजय केलिए की जाती है।उनकी पूजा में कुछविशेष नियमों का पालन करनाआवश्यक है:

  1. पीले रंग का उपयोग: माँ बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान पीले वस्त्र पहनें, पीले फूल (जैसे गेंदा), हल्दी, और पीले चावल अर्पित करें। प्रसाद में बेसन के लड्डू या पीली मिठाई चढ़ाई जाती है।
  2. मंत्र जाप: माँ बगलामुखी के कुछ शक्तिशाली मंत्र इस प्रकार हैं:
    • सिद्धि मंत्र:
      ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा
    • शत्रु नाशक मंत्र:
      ॐ बगलामुखी देव्यै ह्लीं ह्रीं क्लीं शत्रु नाशं कुरु
    • भय नाशक मंत्र:
      ॐ ह्लीं ह्लीं ह्लीं बगले सर्व भयं हन
      इन मंत्रों का जाप रुद्राक्ष या हल्दी की माला से करना चाहिए। सामान्य कार्यों के लिए 10,000 जाप और असाध्य कार्यों के लिए 1 लाख जाप की सलाह दी जाती है।
  3. हवन और तांत्रिक अनुष्ठान: माँ बगलामुखी मंदिर में लाल मिर्च और हल्दी से हवन किया जाता है। यह हवन बाएँ हाथ से किया जाता है, जो इसे अनूठा बनाता है। तांत्रिक साधनाओं में मंगलवार और रविवार की रात्रि विशेष फलदायी मानी जाती है।
  4. नियम और संकल्प: साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें, सात्विक भोजन ग्रहण करें, और रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच मंत्र जाप करें। पूजा से पहले हरिद्रा गणपति की आराधना अवश्य करें।

माँबगलामुखी की साधना के लाभ

  • शत्रु नाश: माँ बगलामुखी की साधना से शत्रुओं की शक्ति नष्ट होती है और भक्त को हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है।
  • कोर्ट-कचहरी में सफलता: कानूनी मामलों में जीत के लिए माँ बगलामुखी मंदिर में यज्ञ और हवन विशेष रूप से प्रभावी हैं।
  • वाकसिद्धि: माँ की साधना से वाणी में सिद्धि प्राप्त होती है, जो वाद-विवाद और नेतृत्व के लिए उपयोगी है।
  • भय और बाधा निवारण: नकारात्मक शक्तियों, जादू-टोना, और अज्ञात भय से मुक्ति के लिए माँ बगलामुखी की साधना अचूक मानी जाती है।
  • धन और समृद्धि: माँ की कृपा से आर्थिक समस्याएँ, कर्ज, और दरिद्रता दूर होती है।

निष्कर्ष

माँबगलामुखी की शक्ति असीमहै, और उनकी साधनाजीवन की हर बाधाको दूर करने काएक अचूक उपाय है।चाहे वह बगलामुखी मंदिर कांगड़ा हो, नलखेड़ा कात्रिगुण शक्ति पीठ हो, यादतिया का सिद्ध मंदिर, माँ के दरबार मेंसच्चे मन से कीगई प्रार्थना कभी खाली नहींजाती। उनकी पूजा मेंश्रद्धा, विश्वास और नियमों कापालन आपको जीवन केहर क्षेत्र में सफलता दिलासकता है। 

यदिआप भी अपने जीवनकी बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, तो माँ बगलामुखी माता मंदिर में दर्शन करें, उनके मंत्रों का जाप करें, और उनकी कृपा सेअपने जीवन को सुख, समृद्धि और विजय सेभर दें। माँ बगलामुखीकी जय हो!

 

Pandit Ji
About Pandit Vishnu Sharma

An expert in Vedic Rituals, Tantra Vidya, and Astrology with over 20 years of experience serving at the Nalkheda Shakti Peeth.

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