नवरात्रि का पर्व पूरे भारतवर्ष में भक्तिभाव, आस्था और शक्ति उपासना के रूप में मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 22 सितम्बर से होगा और इसका समापन 1 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ होगा। नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है और लाखों श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन हेतु पहुँचते हैं।
नवरात्रि का महत्व केवल देवी पूजा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति का मार्ग भी है। विशेषकर माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा (Maa Baglamukhi Mandir Nalkheda) में हर वर्ष नवरात्रि पर भक्तों का सैलाब उमड़ता है।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा ज़िले में स्थित माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा भारत का एक प्रमुख शक्तिपीठ है। मान्यता है कि यहाँ किए गए हवन, पूजन और अनुष्ठान तुरंत फलदायी होते हैं। माँ बगलामुखी को "शत्रु नाश की देवी" कहा जाता है और भक्तजन यहाँ आकर शांति, विजय और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
यहाँ हर साल नवरात्रि के विशेष अवसर पर हज़ारों श्रद्धालु आते हैं और पंडितों द्वारा करवाए गए दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और विशेष अनुष्ठान में भाग लेते हैं।
नवरात्रि के दौरान हवन करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस बार भी पंडित विष्णु शर्मा (Pandit Vishnu Sharma) जी के मार्गदर्शन में नवरात्रि हवन और पूजन का आयोजन होगा।
जो भक्तजन नवरात्रि में हवन करवाना चाहते हैं, उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होगा:
इसका उद्देश्य यह है कि सभी भक्तजन को समय पर सुविधा मिल सके और अनुष्ठान व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो।
नवरात्रि अनुष्ठान में आचार्य और योग्य पंडित का होना अत्यंत आवश्यक है। पंडित विष्णु शर्मा जी माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा से जुड़े हुए हैं और वर्षों से भक्तों को सही विधि-विधान से हवन और पूजा करवाने का अनुभव रखते हैं।
उनके मार्गदर्शन में किया गया हवन:
हर साल नवरात्रि के दौरान मंदिर का वातावरण अद्भुत और दिव्य हो जाता है।
Q1. नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर कहाँ स्थित है?
यह मध्यप्रदेश के आगर मालवा ज़िले में स्थित है और भारत का एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है।
Q2. नवरात्रि में हवन करवाने के लिए क्या करना होगा?
भक्तों को पंडित विष्णु शर्मा जी से कम से कम 8 दिन पहले संपर्क करना होगा और आधार कार्ड के साथ ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।
Q3. नलखेड़ा मंदिर में नवरात्रि पर कौन-कौन से अनुष्ठान होते हैं?
दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, नवचंडी यज्ञ, देवी की विशेष आराधना और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
Q4. हवन करवाने से क्या लाभ होता है?
हवन से जीवन की नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं, शत्रु नाश होता है, मानसिक शांति मिलती है और माँ बगलामुखी की कृपा से विजय प्राप्त होती है।
Q5. क्या हवन की तत्काल बुकिंग संभव है?
नहीं, तत्काल बुकिंग नहीं होगी। केवल अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग ही मान्य होगी।
यदि आप भी इस नवरात्रि माँ बगलामुखी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं और पंडित विष्णु शर्मा जी के मार्गदर्शन में हवन एवं पूजन में सम्मिलित होना चाहते हैं, तो आज ही बुकिंग करवाएँ।
पंडित विष्णु शर्मा
माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा (मध्यप्रदेश)
हवन एवं पूजन बुकिंग हेतु अग्रिम संपर्क करें।
नवरात्रि सिर्फ़ एक पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति, भक्ति और साधना का संगम है।
माँ बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में इस बार का नवरात्रि उत्सव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यदि आप माँ की कृपा, शांति और विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो इस अवसर को बिल्कुल भी न चूकें।
जय माँ बगलामुखी
In Indian politics, competition is not just about strategy and speech—it’s a battlefield of destiny, energy, and unseen cosmic influences. Every leader strives to gain trust, command, and victory, but often faces obstacles, hidden enemies, and negative energies. To overcome these unseen challenges, many politicians turn to Maa Baglamukhi Puja, a powerful spiritual ritual that invokes the goddess of victory and silence—the divine force that paralyzes opponents and protects devotees from harm.
Baglamukhi Political Puja is a powerful spiritual practice that brings victory, protection, and stability to those navigating competitive or high-pressure environments. With the guidance of a trusted Maa Baglamukhi Guru, devotees can harness Maa Baglamukhi’s divine energy to overcome obstacles and achieve their goals with confidence and peace.
In the fiercely competitive world of politics, every edge counts. While strategies, speeches, and manifestos play pivotal roles, many seasoned leaders turn to spiritual rituals to gain an upper hand. One such powerful ritual is the Maa Baglamukhi Political Puja. This ancient practice is believed to invoke divine blessings, ensuring victory, protection, and influence. And now, with the convenience of online services, political aspirants can perform this puja from anywhere, under the guidance of esteemed experts like Pandit Vishnu Sharma.